Tuesday, October 12, 2021
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बिहार में डबल इंजन की सरकार की दोनों इंजन फेल: संजीव झा

दिल्ली बुराड़ी विधानसभा के विधायक सह आम आदमी पार्टी (आप), बिहार प्रदेश के प्रभारी संजीव झा ने कहा है कि बिहार में डबल इंजन की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। संजीव झा ने अपने तीसरे दौर के बिहार दौरे के बाद पटना स्थित आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए यह बात कही। संजीव झा विगत 3 सितंबर से अपने तीसरे दौर के बिहार दौरे पर थे। उन्होंने इस दौरान खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका, जमुई तथा शेखपुरा जिले का दौरा कर पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
उन्होने कहा कि बिहार में चारों ओर अराजकता का माहौल बना हुआ है। बिहार की एनडीए सरकार में शामिल दल अपने अपने वर्चस्व की लड़ाई में बिहार की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया है। एक ओर जहां बिहार के करीब 20 जिले बाढ़ की चपेट में हैं तो वहीं दूसरी ओर कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के बजाए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री पीएमसीएच का मॉडल लेकर प्रधानमंत्री के साथ फोटों खिंचवाने में व्यस्त हैं। उन्हें बिहार की जनता को आईजीएमस अस्पताल के मॉडल के बारे में भी बिहार की जनता को जवाब देनी चाहिए कि आखिर क्यों अस्पताल का एक हिस्सा महज डेढ़ वर्षों के निर्माण के बाद ही ध्वस्त हो गया।
राज्य में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि सरकार में कार्यरत इंजीनियर के घर से लाखों रूपए बरामद होते हैं और वो आधिकारिक तौर पर यह बयान देता है कि मैं अगर मुंह खोल दूं तो भूचाल आ जाएगा। लेकिन वैसे व्यक्ति की जमानत थाने से ही हो जाती है।
लालू यादव की सरकार को जंगल राज बताने वाले लोग ने ही आज बिहार को जंगल राज पार्ट-2 में पहुंचा दिया है। बिहार में भ्रष्टाचार का आलम है कि किसी भी सरकारी कार्यालय में बिना चढ़ावा के कोई काम नहीं होता है। राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त है।

बिहार में पूर्वी चंपारण के मोतिहारी मुफ्फसिल थाना स्थित सिरसा गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत अज्ञात बीमारी से हो रही है तो वहीं दूसरी ओर विगत 3 सितंबर को पटना के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल, आईजीएमएस में महज डेढ़ वर्ष पूर्व बने भवन गिर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री तथा मुख्यमंत्री सिर्फ जांच का आदेश देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। संजीव झा ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है इसमें भवन निर्माण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग सीधे तौर पर जिम्मेवार है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए एवं दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
बिहार में बाढ़ के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बिहार प्रभारी ने कहा कि यह एक प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि ‘‘मैन मेड डिजास्टर’’ है। उन्होंने कहा कि बिहार में हर साल बाढ़ का आना तय है। लाखों लोग बेघर होते हैं। सरकारें आती हैं और जाती हैं परन्तु किसी ने भी इसके स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दिया है। सरकार के लिए यह एक लूट खसौट का अवसर के समान है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत के नाम पर करोड़ों रूपये का हेरा फेरी का काम चल रहा है लेकिन बिहार सरकार बाढ़ के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है।

हम सरकार से मांग करते हैं कि बाढ़ से पूरी तरह तबाह हुए लोगों की मुआवजा राशि बढ़ाई जाए।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए संजीव झा ने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार कोविड के दौरान लगातार मरीजों की सेवा करते हुए संक्रमित होने के कारण हुए डाक्टरों की मौत के बाद उनके परिवार वालों को उनके घर जाकर उनके परिवार वालों के साथ उनका दुख बांट रहे हैं। बिहार सरकार डाक्टरों को मुआवजा राशि को घर पर देने की बात तो दूर उनके परिवार वालों से आज कोई मिलने तक के लिए तैयार नहीं है। कोविड के दौरान मरीजों की सेवा करते हुए डाक्टरों की हुई मौतों में से अधिकांश परिवारों को अभी तक एक फूटी कौड़ी तक नहीं दी गयी है। उनके परिवार वालों के सामने घोर आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गयी है।
उन्होंने कहा कि एक ओर जहॉं एसडीजी इंडिया इंडेक्स यानि सतत विकास लक्ष्यों में बिहार सबसे निचले पायेदान पर है वहीं दूसरी ओर दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के कार्यो के कारण सरकार केंद्र शासित प्रदेशों के रैंकिंग में पूरे देश मंे दूसरे स्थान पर रहा है। बिहार में डॉक्टरों, पारामेडिकल स्टाफ तथा इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अभी भी दूर नहीं की गयी है।
संजीव झा ने कहा कि पटना हाईकोर्ट को सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राज्य के सरकारी अस्पतालों में हजारों पद रिक्त हैं।
बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति पत्र के लिये चल रहे धरना प्रर्दशन के सवाल पर संजीव झा ने कहा कि बिहार सरकार अपनी जवाबदेही के प्रति गैरजिम्मेदार है। आए दिन शिक्षक अपनी जायज मांगोें को लेकर सड़क पर उतरते हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने और उनके तीसरे चरण की काउंसिलिंग के लिए बिहार के शिक्षा मंत्री सिर्फ आश्वासन ने रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शिक्षक बहाली की यह काउंसिलिंग कई सालों से लंबित है इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। इस अवसर पर आम आदमी के दिल्ली शहरी आश्रम सुधार बोर्ड में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि विपिन राय, वरिष्ठ नेता मनोज कुमार सिंह, चिकित्सा प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष डा. पंकज गुप्ता।

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