Tuesday, October 19, 2021
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बचपन से पापा कभी नहीं चाहे कि मैं राजनीति में आऊं और मैं राजनीति में हूं भी नहीं।

हुसेनाबाद/बलिया- 11 अगस्त 2021 दिन बुधवार हुसेनाबाद के लिए काफी यादगार दिन रहा। नम आंखों से सबने अपने चहेते पूर्व प्रधान मा. स्व.शशिकांत दुबे जी को श्रद्धा का फूल अर्पित कर उनके गुणों और कर्मों को अपने दिल में सजो रहे थे। जनपद के दूरदराज क्षेत्रों से तमाम राजनीतिक दल के लोग उन्हें पुष्प अर्पित करने के लिए आए हुए थे तथा उनके बीते हुए पलों को याद कर कुछ ना कुछ अपने में पिरोने की कोशिश कर रहे थे।

इसी बीच हमारे जनपद बलिया ब्यूरो चीफ माइकल भारद्वाज ने गांव के ही एक आदर्श प्रतिष्ठित और विशेष अध्यापक श्री लाल कुमार सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि शशिकांत दुबे जी आजाद साथी थे। उनका जीवन बहुत ही संघर्षशील रहा। हमेशा जात धर्म से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता कायम करते रहे। उनका जीवन हमेशा दबे कुचले लोगों के बीच विकास के लिए यदि कोई प्रताड़ित रहता था तो उनके साथ खड़े रहते थे ।अपने जीवन में उन्होंने अपने पैसे का महत्व कभी नहीं दिया। उन्होंने हमेशा संघर्ष का रास्ता अपनाया ।राजनीति में उनकी आने की कोई मंशा नहीं थी लेकिन लोगों ने उन्हें नेता बना दिया। मुझे बिल्कुल सही ढंग से याद है कि वो 1995 में राजनीति में आए।

स्व. शशिकांत दुबे जी के सुपुत्र श्री शैलेश कुमार दुबे ने बताया कि बचपन से पापा कभी नहीं चाहे कि मैं राजनीति में आऊं और मैं राजनीति में हूं भी नहीं। लेकिन जो अपने हैं उनकी मदद करना आज भी हम सब की आदत है। गांव के लिए जितना मुझसे हो सकेगा मैं उतनी मदद करना जरूर चाहूंगा। पिताजी के यादों को जिन्दा रखने के लिए उनके नाम पर जरूर कुछ यादगार वाला काम होगा ।उनके स्मृति में जरूर कुछ बनाया जाएगा।

आजादी के 74वें साल बाद हुसेनाबाद के नवयुवक ग्राम प्रधान संजीत कुमार यादव ने अपने राजनीतिक गुरु और अभिभावक को पुष्पपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यहां उपस्थित डॉ.जेपी शुक्ला ,डॉ मनोज शुक्ला जी, पूर्व प्रमुख बांसडीह उमाशंकर पाठक जी, प्रमुख रेवती पदुमदेव पाठक जी ,त्रिपाठी जी ,वार्ड नंबर -8 के वर्तमान जिला पंचायत सदस्य विनय मिश्रा , प्रसपा विधानसभा बांसडीह महासचिव अश्वनी मिश्रा सोनू पंडित, लाल कुमार सिंह जी अध्यापक और हजारों जनतागण हमने एक अटल अनमोल रतन खो दिया है। बाबा के जाने का दुख हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते। वे एक योग्य, प्रभावशाली ,सामाजिक और प्रखर वक्ता थे । उनका जाना मेरे लिए ऐसी कमी है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती ।आप के निधन से एक युग का अंत हो गया।

आगे श्री यादव ने कहा कि अपने कुशल नेतृत्व के द्वारा संगठन को मजबूती के साथ खड़ा किया थे ।हम सभी युवा हर संभव कोशिश करेंगे कि उनकी यादों और उनके संगठन को तथा उनके संगठन के कार्य शैली को सर्वदा जिंदा रखें और आने वाला हर उनकी पुण्यतिथि कुछ ना कुछ अपने आप में विशेष लेकर आएगी। माइकल भारद्वाज ब्यूरो स्वराज ख़बर बलिया।

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