Thursday, October 14, 2021
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जिला मुख्यालय में इंस्टाॅल हुई ट्रू नेट मशीन, डेढ़ घंटे में मिलेगी टीबी जांच की रिपोर्ट।

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने पुराना सदर अस्पताल परिसर में स्थित यक्ष्मा केंद्र में किया मशीन का उद्घाटन
कोरोना संक्रमण की जांच में भी इस्तेमाल की जाती है यह मशीन।

बक्सर जिले के टीबी मरीजों व टीबी की जांच कराने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब टीबी की जांच व रिपोर्ट के लिए उन्हें लंबा इंतजार नहीं करना होगा। क्योंकि अब जिला मुख्यालय में पुराना सदर अस्पताल परिसर में स्थित यक्ष्मा केंद्र में ट्रू-नेट मशीन इंस्टॉल कर दिया गया है। जिसका उद्घाटन जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. नरेश कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया, जिले में ट्रू-नेट मशीन पहले ही आ गयी थी, लेकिन इसे कोरोना जांच के लिए सदर अस्पताल में रखा गया था। हालांकि, फिलहाल संक्रमण की रफ्तार नगण्य है। जिसके कारण इसे अब टीबी जांच के लिए प्रयोग में लाया जाएगा। इससे पहले डुमरांव अनुमण्डल अस्पताल में भी एक मशीन लगाई गई। उन्होंने बताया, अब लोगों को जांच की रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ट्रू मशीन लगने से एक साथ छह लोगों का स्वाब टेस्ट किया जा सकेगा। जिसकी रिपोर्ट मरीज को डेढ़ घंटे में दे दी जाएगी। इस मशीन की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके माध्यम से टीबी के मरीज में रेजिस्टेंस दवा का भी आसानी से पता किया जा सकेगा। जो मरीज के इलाज की प्रक्रिया को और भी सुलभ बना देती है। मौके पर कुमार गौरव, राहुल कुमार, सुरेंद्र महतो, अरविंद कुमार पूर्वे, ब्रजेश कुमार व उत्तम कुमार मौजूद थे।
क्या है ट्रू नेट मशीन
ट्रू नेट मशीन के द्वारा न्यूक्लिक एम्प्लीफाइड टेस्ट किया जाता है। भारत में अभी तक इस मशीन का प्रयोग टीबी व एचआई वी संक्रमण का पता लगाने में किया जाता रहा है। हालांकि, संक्रमण काल में ट्रू नेट मशीन में कोरोना जांच किट का भी इस्तेमाल किया गया। इसके माध्यम से कोरोना का स्क्रीन टेस्ट सफलतापूर्वक किया जा रहा है। स्क्रीन टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर व्यक्ति का सैंपल कोविड लैब में जांच के लिए भेजा जाता है।
ऐसे काम करती है ट्रू-नेट मशीन :
डॉ. नरेश कुमार ने बताया, कोई भी वायरस शरीर में डीएनए व आरएनए पर अटैक करता है। स्वाव का सैंपल लेने के बाद उसकी सेल को ब्रेक किया जाता है। उस सेल को सर्च किया जाता है जहां वायरस का अटैक होता है। इसके बाद उस सेल के आसपास डीएनए व आरएनए की संख्या को बढ़ाकर अध्ययन किया जाता है। ट्रू नेट मशीन के द्वारा शरीर में वायरस की 0.01 प्रतिशत मात्रा को भी डिटेक्ट किया जा सकता है।

लक्षण दिखते ही कराएं जांच :-
टीबी बीमारी की लक्षण महसूस होने पर ऐसे लोगों को घबराना नहीं चाहिए। बल्कि, तुरंत इसका जांच कराना चाहिए। क्योंकि, टीबी अब लाइलाज नहीं है। किन्तु, समय पर जांच कराकर इलाज शुरू करना जरूरी है। जिले के सभी पीएचसी एवं अन्य अस्पतालों में मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध है।
ये हैं टीबी बीमारी का प्रारंभिक लक्षण :-

●15 दिन या इससे अधिक दिनों तक लगातार खांसी ●या बुखार रहना
●बलगम में खून आना
●एक माह या इससे अधिक दिनों तक सीने में दर्द रहना
●लगातार शरीर वजन कम होना एवं कमजोरी महसूस होना

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