Tuesday, October 12, 2021
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खाद की कालाबाज़ारी से परेशान हैं किसान, मूकदर्शक बनी हुई है सरकार : डुमरांव विधायक

डुमराँव विधायक अजीत कुमार सिंह ने यूरिया की किल्लत को देखते हुए सरकार पर आरोप लगाया है। कहा है कि यूरिया का सरकारी दर 266 रूपये प्रति बैग है लेकिन तस्करी एवं कालाबाजारी कर यूरिया आज बाजार में 350 से 375 रूपये प्रति बैग बिक रहा है।

सरकार और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। सरकार किसानों को हर संभव मदद देने की बात करती है लेकिन पूरे बिहार के किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ बाढ़ का कहर टूटा है, तो दूसरी तरफ खाद की कमी ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। बिहार के कई जिलों में खाद की किल्लत इस कदर है कि किसान खाद ब्रिकी केंद्रों के बाहर खाद खरीदने के लिए रात से ही लाइन लगा रहे हैं, सड़क जाम कर रहें है फिर भी यूरिया नहीं मिल रहा है।

बिहार के कई जिलों में खाद की जबरदस्त किल्लत है। दरअसल, बिहार को वर्तमान खरीफ मौसम में 31 अगस्त 2021 तक 5.90 लाख मी. टन यूरिया की आपूर्ति हुई है। यहां पिछले वर्ष इस अवधि में की गई 8.12 लाख मी. टन की आपूर्ति से 2.22 लाख मी. टन का आवंटन कम होने के कारण किसानों की समस्या इस कदर बढ़ी है कि अब कई जगहों पर किसान ब्लैक में खाद खरीदने को बेबस हैं। जब राज्य और केंद्र में डबल इंजन की सरकार है। ऐसे में बिहार के किसान बाढ़ और खाद की किल्लत से क्यों परेशान है? इसका मतलब साफ है कि खेती और किसानों की समस्या से डबल इंजन की सरकार को कोई मतलब नहीं है।

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