Tuesday, October 12, 2021
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की दस्तक़

कोरोना : संक्रमण की दूसरी लहर के बीच दुनिया भर में इसकी तीसरी लहर ने दस्तक़ दे दी है।
कोरोना से हो रही मौत के आंकड़े रोकने के लिए सरकार अपनी ओर से पुरी कोशिश कर रही है। हाथ को धोते रहना, सेनेटाइज करना ,मास्क लगाना ,सोशल डिस्टेंस का पालन करना ये सब मानव जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है इन सब के बाबज़ूद कोरोना का टिका लगवाना सबसे टिकाऊ उपाय है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों में एक फीसद लोगों को भी टीका नहीं लग पाया है जबकि कुछ देशों में 60 फीसद का टीकाकरण हो चुका है।
कोविड-19 वायरस का यह वह वेरिएंट है, जो भारत में मिला था, अब यह तेजी से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया कि यह वेरिएंट 96 देशों तक पहुंच चुका है।
डेल्टा वेरिएंट को डबल म्यूटेंट भी कहा जाता है। इसमें दो म्यूटेशन होते हैं। अल्फा वेरिएंट की तुलना में 55 प्रतिशत अधिक पारगम्य है, जो शुरूआत में ब्रिटेन में पाया गया था। कई देशों ने बताया है कि उनके यहां डेल्टा के कारण संक्रमण बढ़ रहा है। अस्पतालों में इस वेरिएंट के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने चेताया है कि आने वाले महीनों में डेल्टा वेरिएंट के सबसे हावी होने का अंदेशा है।

पिछले हफ्ते डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेबरेसस ने कहा था कि अब तक कोरोना के जितने वेरिएंट की पहचान हुई है, उनमें से डेल्टा सबसे संक्रामक है। यह वेरिएंट उन लोगों में तेजी से फैल रहा है, जिनको कोरोना टीका नहीं लगा है। उन्होंने कहा, ‘कुछ देशों ने पाबंदियों में ढील दी है, जिसके कारण विश्व में संक्रमण बढ़ रहा है.’ ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अल्फा वेरिएंट के मामले 172 देशों में मिले हैं. बीटा के 120 और गामा के 72 देशों में मामले पाए गए हैं। डब्ल्यूएचओ के यूरोप मामलों के प्रमुख हंस क्लूगे ने कहा कि यूरोप में कोरोना के नए मामलों में दस हफ्ते से जारी गिरावट का दौर खत्म होने वाला है। अगर लोग अनुशासित नहीं रहे तो एक और लहर को टाला नहीं जा सकता है।

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