Thursday, October 14, 2021
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कॉलेजियम सिस्टम हिंदुस्तान के संविधान पर कलंक : उपेंद्र कुशवाहा

जनता दल यूनाइटेड संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा बक्सर दौरे पर पहुचे। जहाँ अतिथि गृह में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजित किया।

JDU संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जातीय जनगणना हमारी पार्टी की पुरानी मांग है और हम किसी भी कीमत पर इससे पीछे नहीं हटेंगे। आगे कहा हमारी नीति सिद्धांत अलग है हम जातीय जनगणना के पक्षधर हैं। इतना ही नहीं धर्म परिवर्तन के मसले पर भी उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है।अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन को कोई रोक नहीं सकता. यह संवैधानिक अधिकार है।

जातीय जनगणना को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने आगे कहा कि इसे लेकर कई बार अलग-अलग राज्यों में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से कहा है कि अगर आप पिछड़ों के लिए कोई योजना बनाते हैं। लेकिन उनकी संख्या कितनी है, ये बताइये. उस तरीके से जनगणना ही नहीं है। इसलिए सरकार बता नहीं पाती है। साल 1931 के बाद आज तक जातीय जनगणना हुई ही नहीं है।

वही आगे कहा कि NEET प्रवेश परीक्षा में पिछड़ा व अतिपिछड़ा समाज समाज से आनेवाले विद्यार्थियों के लिए संविधान सम्मत आरक्षण का रोका जाना असंवैधानिक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार से विनम्र आग्रह किया है कि संज्ञान में लेकर ओबीसी व ईबीसी के हक-हकूक की रक्षा करें । साथ ही कहा कि कॉलेजियम सिस्टम हिंदुस्तान के संविधान पर कलंक है, यह असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक व्यवस्था है। केंद्र सरकार में मंत्री रहते हुए हमने लोकसभा में इसे हटाने की मांग की थी और आज भी इसे खत्म करने की मांग दोहराता हूं। इसके रहते गरीबों को कभी न्याय मिल ही नहीं सकता।

बक्सर संवाददाता राकेश पाण्डेय

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